• पॉलिथीन अभियान 08.01.2019
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  • ललितपुर नगर पालिका के ऊपर स्वच्छ सर्वेक्षण २०१९ का स्काई गुब्बारा उड़ाया गया
  • अधिशाषी अधिकारी के नेतृत्वा में अतिक्रमण अभियान चलाया गया
  • नदी बचाओ अभियान
  • स्वच्छ भारत मिशन
  • दिनांक 31.10.2017 को सरदार बल्लभ भाई पटेल के जन्म दिवस को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में धूमधाम से मनाया गया।
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  • नगर पालिका परिषद, ललितपुर
  • अमृत योजनान्तर्गत स्वीकृत कांशीराम आवास वार्ड नं0-10 पार्क का निर्माण कार्य
  • अमृत योजना की प्रथम वर्ष गांठ
  • ललितपुर स्मारक
  • Nagar Palika Parishad Lalitpur
महत्वपूर्ण सूचनाएँ

नगर पालिका परिषद, ललितपुर में आपका स्वागत है

महाराजा सुम्मेर सिंह की धर्म पत्नी ललिता देवी के नाम पर जनपद का नाम ललितपुर पड़ा । ऐसा मानते हैं कि महाराज सुम्मेर सिंह को तालाब में स्नान करने पर चर्मरोग से मुक्ति मिली और फिर उन्हीं के नाम पर तालाब का नाम सुम्मेरा तालाब पड़ा। ललितपुर को 1974 में जिले का दर्जा प्राप्त हुआ। ललितपुर उत्तर प्रदेश में एक जिला है जो झांसी डिवीजन का एक हिस्सा है। ललितपुर मुख्य शहर और प्रशासनिक मुख्यालय है जिसका भौगोलिक क्षेत्र लगभग 5039 वर्ग मीटर है अथवा जनसँख्या 2011 जनगणना के अनुसार 977,447 है।

यह माना जाता है कि पहले ललितपुर चंदेरी का एक भाग था जिसे 17 वीं सदी में एक बुंदेला राजपूत ने खोजा था। 18 वीं सदी में बुंदेलखंड के साथ चंदेरी राज्य मराठा योद्धा के नेतृत्व में आ गया, लेकिन जल्द ही 1811 में इस पर ग्वालियर के राजा दौलत राव सिंधिया ने कब्ज़ा कर लिया। 1844 में, चंदेरी के राज्य को अंग्रेज़ों को सौंप दिया गया जो ब्रिटिश भारत का चंदेरी जिला बन गया जिसका जिला मुख्यालय ललितपुर था । 1857 के विद्रोह में, ब्रिटिशों ने यह राज्य खो दिया परन्तु 1858 तक ब्रिटिशेरों ने इस राज्य पर दोबारा कब्ज़ा कर लिया अथवा इसका पुन:नामकरण कर दिया ललितपुर के नाम से अथवा यह झांसी जिले का हिस्सा बना दिया गया 1891 से 1974 तक।

ई-गवर्नेंस

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उद्यान संरक्षण

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अतिक्रमण हटाओ

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